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लाइफ-स्‍टाइल

महिला दिवस पर बिहार सरकार ने दी महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सौगात

महिला दिवस पर बिहार सरकार ने दी महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सौगात

बिहार की राजधानी पटना में महिला दिवस पर बिहार राज्‍य पथ परिवहन विभाग ने महिलाओं को सौगात दी है। महिलाएं रविवार को सिटी बस सेवा में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। 8 मार्च यानी अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर लड़कियाें और महिलाओं को सिटी सर्विस की बसों में कोई किराया नहीं लगेगा। इस संबंध में परिवहन विभाग केे सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर सरकार ने महिलाओं को मुफ्त यात्रा कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत रविवार को महिलाओं को पटना में सिटी बस सेवा में कोई किराया नहीं देना पड़ेगा। बता दें कि बिहार राज्‍य परिवहन की ओर से सिटी बस सेवा सिर्फ पटना में ही है।
दिल्ली में प्रदूषण दमघोंटू स्तर पर, कब बदलेंगे हालात?

दिल्ली में प्रदूषण दमघोंटू स्तर पर, कब बदलेंगे हालात?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। शनिवार शाम थोड़ी राहत के बाद 625 के खतरनाक स्तर तक पहुंचने के चलते वापस से शहर में 'गंभीर प्लस श्रेणी' बरकरार है। हलांकि, मौसम विभाग का कहना है कि रविवार को इसमें कुछ राहत मिलने की संभावना है परंतु प्रदूषकों (पोल्यूटेंट) के चलते दृश्यता पर असर पड़ रहा है। छिटपुट बारिश के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के 400 के स्तर से नीचे गिर जाने के चलते शनिवार को कुछ राहत मिली थी। यदि हालात ऐसे ही रहे तो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में गैर-आवश्यक ट्रकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाना पड़ सकता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने हफ्तों पहले वाहनों को लेकर ऑड-ईवन स्कीम की घोषणा की थी, सोमवार से वह दिल्ली में लागू होगी। इसे लागू करने का समय अब खतरनाक हवा की गुणवत्ता के चलते उपयुक्त हो गया है। सफर इंडिया के अन
बिहार में 6 महीने में खुलेंगे 150 प्रदूषण जांच केंद्र

बिहार में 6 महीने में खुलेंगे 150 प्रदूषण जांच केंद्र

बिहार सरकार ने प्रदूषण जांच केंद्रों पर वाहनों की लंबी कतार को कम करने के लिए राज्य के सभी प्रखंडों में प्रदूषण जांच केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। राज्यभर में अगले छह महीने के अंदर 150 से ज्यादा प्रदूषण जांच केंद्र खोले जएंगे। बिहार राज्य परिवहन विभाग निगम के सचिव संजय कुमार ने सोमवार को कहा कि अगले छह महीने के भीतर 150 से ज्यादा प्रदूषण केंद्र खोले जांएगे। हर प्रखंड में कम से कम एक प्रदूषण केंद्र खोला जाएगा, जिससे लोगों की परेशानियां कम होंगी। उल्लेखनीय है कि फिलहाल राज्य में 269 प्रदूषण केंद्र हैं, जिसमें अकेले पटना में 55 केंद्र हैं। नए मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के बाद यातायात पुलिस द्वारा वाहनों की जांच में तेजी आने के बाद वाहनों के प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र बनाने के लिए वाहनों की लंबी कतार लग रही हैं।परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के सभी पेट्रोल पंप और ऑटोमोबाइल्स कं
आखिर क्या है चमकी बुखार, जिसने बिहार के 80 बच्चों की जान ले ली!

आखिर क्या है चमकी बुखार, जिसने बिहार के 80 बच्चों की जान ले ली!

बिहार में इन दिनों चमकी बुखार कहर बरपा रहा है। इस खतरनाक बुखार की चपेट में आए अब तक करीब 80 से ज्यादा मासूम अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं कई की हालत नाजुक बनी हुई है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन रविवार को बिहार दौरे पर आ रहे हैं। लेकिन सवाल है कि आखिर चमकी बुखार क्या है और इस जानलेवा बीमारी से बच्चों को बचाने के क्या उपाय हैं। क्या हैं बुखार के लक्षण - लगातार तेज बुखार चढ़े रहना - बदन में लगातार ऐंठन होना - दांत पर दांत दबाए रहना - सुस्ती चढ़ना - कमजोरी की वजह से बेहोशी - चिंगोटी काटने पर शरीर में कोई गतिविधि न होना उपचार चमकी बुखार से पीड़ित इंसान के शरीर में पानी की कमी न होने दें. बच्चों को सिर्फ हेल्दी फूड ही दें। रात को खाना खाने के बाद हल्का फुल्का मीठा जरूर दें. सिविल सर्जन एसपी सिंह के मुताबिक चमकी ग्रस्त बच्चों मे
सीवान में फैल रही ये बीमारी, डॉ अविनाश चन्द्र से जानिए बचाव के उपाए

सीवान में फैल रही ये बीमारी, डॉ अविनाश चन्द्र से जानिए बचाव के उपाए

भीषण गर्मी के बाद बारिश का मौसम सभी को काफी अच्छा लगता है लेकिन बारिश के मौसम में बहुत सारी बीमारियों को लेकर अाता है। इस मौसम में टाइफाइड, डायरिया के मरीजों की संख्या काफी अधिक हो गई है। चिकित्सक पानी को उबालकर पीने को सलाह देते हैं। शहर के डा चन्द्राज एडवांस पोजिटिव होमियोपैथिक सेंटर के चिकित्सक डॉ अविनाश चन्द्र बताते हैं कि टाइफाइड व डायरिया हमेशा दूषित पानी पीने से होता है। डायरिया का लक्षण दिन में तीन बार से अधिक पतला शौच का आना है। समय पर ईलाज नहीं होने पर यह जानलेवा हो सकता है। आमतौर पर यह बीमारी बच्चों में ज्यादा होता है। इसमें मौत का मुख्य कारण डिहाइड्रेशन है, पेट में तेज दर्द होना, मरोड़ होना, जल्दी जल्दी दस्त होना, उल्टी होना बुखार होना, कमजोरी महसूस होना इसके मुख्य लक्षण है। डायरिया का इलाज - डॉ चन्द्र बताते हैं कि इसका इलाज बहुत सरल है ओ.आर.एस. इसका सबसे सस्ता और आसान

ठंड से बचने के लिए करें ये उपाय, नहीं होंगे कभी बीमार

समूचे देश में शीतलहर का प्रकोप जारी है। ऐसे में ठंड से सावधान रहने और खानपान पर ध्‍यान देने की जरुरत है। ठंड से बचने के उपाय और खानपान के लिए जरुरी टिप्‍स दे रहे हैं सीवान के मशहूर डॉक्‍टर आशुतोष दिनेन्द्र । सीवान । जिलामुख्यालय के अस्पताल रोड मे कृष्णमोहन फाउण्डेशन के सौजन्य से निशुल्क नसों की जांच कम्प्यूटर से किया गया जिसमें सैकड़ों मरीजो की जांच कम्प्यूटर से कोलकत्ता से आये देवव्रत घोष ने किया । जिले के वरीय चिकित्सक डॉ आशुतोष दिनेन्द्र ने बढ़ रहे कड़ाके की ठंड मे सभी को सचेत किया। उन्‍होंने बताया कि कैसे सर्दियां आते ही बीमारियों से बचने के लिए सावधानियां बरतना जरुरी है। ऐसे मौसम में त्वचा और होठों के फटने के साथ-साथ अन्य चीजों पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी हो जाता है। उन्‍होंने कहा कि सर्दियां जब भी आती हैं, अपने साथ छोटे बच्चों, बूढ़ों और महिलाओं के लिए कई समस्याएं लेकर आती हैं। य़
लोग सबसे ज्यादा छोले-समोसे क्यों खाते हैं!

लोग सबसे ज्यादा छोले-समोसे क्यों खाते हैं!

लोग सबसे ज्यादा छोले समोसे खाते हैं। दरअसल, टैक्सी सेवा देने वाली अमेरिकी कंपनी उबर के ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म उबर ईट्स पर छोले समोसे और आलू टिक्की बर्गर सबसे ज्यादा ऑर्डर किए गए। भारत में इन खाद्य पदार्थों ने मध्य पूर्वी और अमेरिकी व्यंजनों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। कंपनी ने आज इसकी जानकारी दी। इसके अतिरिक्त भारतीय व्यंजनों का केर्न्स, एडिलेड, बैंकाक, गोल्ड कोस्ट और न्यू कैसल जैसे शहरों में इनका क्रेज देखा गया। उपभोगक्ताओं ने उबर ईट्स का इस्तेमाल करके भारतीय व्यंजन प्राप्त किए। भारत में इस साल की शुरुआत में बर्गर ईट्स सेवा शुरू की गई थी, वर्तमान में यह छह शहरों में उपलब्ध है। हालांकि, उबर ने आर्डर की संख्या के बारे में जानकारी नहीं दी है। भारतीय बाजार में उबर ईट्स का मुकाबला जोमाटो, फूड पांडा और स्विगी से है।
सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल करना क्‍यों है खतरनाक

सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल करना क्‍यों है खतरनाक

न्यूयार्क। एक अध्ययन के अनुसार सोने से पहले टीवी देखने या स्मार्टफोन का उपयोग करने से बच्चों में वजन बढ़ सकता है। बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लिखने वाली मशहूर पत्रिका ग्लोबल पीडिएट्रिक हेल्थ में यह अध्ययन प्रकाशित किया गया है। जिसमें कहा गया है कि सोने से पहले मोबाइल या टीवी जैसी तकनीक के इस्तेमाल से बच्चों की नींद प्रभावित होती और शरीर द्रव्यमान सूचकांक (बीएमआई) बढ़ता है। अमेरिका के पेन्न स्टेट कॉलेज ऑफ मेडिसीन की कैटलायन फुलर ने कहा कि हमने अपने अध्ययन में पाया कि नींद का टूटना और उच्च बीएमआई का संबंध सोने से पहले तकनीक के इस्तेमाल करने से है। उन्होंने कहा कि हमने यह भी पाया कि सुबह नींद खुलने के बाद थकान महसूस होने का संबंध भी इसी से है। फुलर ने कहा कि इससे पता चलता है कि इससे नींद के पैटर्न में गड़बड़ी आती है। यह अध्ययन अभिभावकों द्वारा उनके बच्चों की आदत के जानकारी के आधार
ये तेल याददाश्त के लिए खतरनाक

ये तेल याददाश्त के लिए खतरनाक

लंदन। दुनिया में सबसे ज्यादा खाए जाने वाले वनस्पति तेलों में से एक कनोला के तेल का सेवन मस्तिष्क के लिए नुकसानदायक है। हालिया शोध के मुताबिक इससे याददाश्त और सीखने की क्षमता कम हो जाती है। जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट में प्रकाशित शोध के मुताबिक चूहों पर हुए प्रयोग में पाया गया कि कनोला के तेल के सेवन से वजन भी बढ़ता है। अमेरिका की टेंपल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डेमेनिको प्रैटिको के मुताबिक कनोला का तेल इसलिए लोकप्रिय है क्योंकि यह दूसरे वनस्पति तेलों से सस्ता है और इसे सेहत के लिए लाभदायक बताकर खूब प्रचारित किया गया। हालांकि बहुत कम शोध में इसकी सत्यता की जांच की गई। खासकर मस्तिष्क पर इसके प्रभाव की। शोधकर्ताओं ने कनोला के तेल का मस्तिष्क पर प्रभाव जानने के लिए चूहों पर यह प्रयोग किया। चूहों के एक समूह को सामान्य आहार दिया गया और दूसरे को दो चम्मच कनोला तेल वाला आहार। पाया गया कि कनोला तेल
गर्भनिरोधक दवा से स्तन कैंसर का खतरा

गर्भनिरोधक दवा से स्तन कैंसर का खतरा

गर्भनिरोधक दवा और हार्मोन उत्सर्जन करने वाले आईयूडी से महिलाओं में स्तन कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। डेनमार्क के वैज्ञानिकों ने हालिया शोध रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इस अध्ययन के लिए डेनमार्क की 18 लाख महिलाएं की सेहत की कई दशकों तक जांच की गई। शोधकर्ताओं के मुताबिक महिलाएं मानती हैं कि आधुनिक गर्भ निरोधक दवा पुरानी दवा के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित हैं क्योंकि पहले की दवा में एस्ट्रोजेन ज्यादा होता था। पर शोध में पाया गया कि गर्भनिरोधक दवा का इस्तेमाल न करने वाली हर एक लाख महिलाओं में से हर साल 55 को स्तन कैंसर होता है। जबकि गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करने वाली प्रति एक लाख महिलाओं में से 68 महिलाओं को यह बीमारी होती है। शोधकर्ता मरिसा वेसे के मुताबिक गर्भ निरोधक दवा और स्तन कैंसर में संबंध का शोध पुराना है पर नए शोध में यह जानने की कोशिश की गई कि आखिर गड़बड़ी कहां होती है। पा
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