townaajtak@gmail.com

खेल-खिलाड़ी

धोनी की तरह अचानक पत्रकारिता से संन्यास लेना चाहते हैं रविश कुमार

धोनी की तरह अचानक पत्रकारिता से संन्यास लेना चाहते हैं रविश कुमार

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. अब भारतीय क्रिकेट टीम के लिए धोनी खेलते हुए नहीं दिखाई देंगे. हालांकि एमएस धोनी आईपीएल खेलते रहेंगे. ऐसे में उनके प्रशंसक आईपीएल में धोनी को खेलते हुए देख सकते हैं। इस बीच, पत्रकार ​रविश कुमार ने कहा है कि वह भी धोनी की तरह पत्रकारिता से संन्यास लेना चाहेंगे। आइए जानते हैं धोनी के संन्यास पर रविश कुमार ने क्या कहा। धोनी एक भाव का नाम भी है। समभाव। गीता में स्थितप्रज्ञ की अवधारणा को साकार करने वाले खिलाड़ी रहे हैं। विश्व कप जीतने के बाद धोनी मीडिया से दूर हो गए। अगर मेरी स्मृति में कोई चूक नहीं है तो उस विजय के बाद धोनी ने कोई इंटरव्यू नहीं दिया। धोनी के लिए जीत खेल का हिस्सा थी न कि खेल जीत का हिस्सा। हार और जीत में समभाव से खेलने वाला खिलाड़ी। तनावपूर्ण क्षणों में तनाव रहित
गोपालगंज पुल के एप्रोज ब्रिज के ढहने पर हरभजन सिंह ने लिए मजे

गोपालगंज पुल के एप्रोज ब्रिज के ढहने पर हरभजन सिंह ने लिए मजे

बिहार के गोपालगंज जिले में लगातार हो रही बारिश और नदियों के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी के बाद नए-नवेले सत्तरघाट पुल का एक अप्रोच ब्रिज ढह गया। बुधवार को हुई यह घटना गुरुवार को मीडिया में छाई रही। शुक्रवार को हिन्दुस्तान टाइम्स की एक खबर को री-ट्वीट करते हुए क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और पूछा है कि क्या सिर्फ बालू से ही ब्रिज बना दिया था? छोटे ब्रिज को सत्तरघाट का पुल बताकर बिहार के विपक्षी दलों ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह करार दिया। एनडीए में शामिल एलजेपी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी इस घटना में उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी तरफ बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने ट्वीट कर सत्तरघाट पुल का एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा कि जिस पुलि की बात हो र
रणजी ट्रॉफी में बिहार 173 रन पर सिमटा

रणजी ट्रॉफी में बिहार 173 रन पर सिमटा

सागर उदेशी के छह विकेटों की मदद से पुड्डुचेरी ने यहां मोमिनुल हक स्टेडियम में जारी रणजी ट्रॉफी-2019-20 सीजन के राउंड-1 के प्लेट ग्रुप मैच में पहले दिन सोमवार को बिहार को 173 रन पर समेट दिया। पुड्डुचेरी ने इसके जवाब में दिन का खेल समाप्त होने तक बिना किसी नुकसान के 62 रन बना लिए हैं। सुब्रमणयम आनंद 64 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के के सहारे 39 और एस कार्तिका 21 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 21 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं। पुड्डुचेरी अभी बिहार के स्कोर से 111 रन पीछे है जबकि उसके सभी विकेट शेष है। इससे पहले, बिहार की टीम 173 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम के लिए शाशीम राठौर ने सर्वाधिक 31, निशांत कुमार ने 24, कप्तान आशुतोष अमन ने 23, बाबुल कुमार ने 22 और विकेक कुमार ने 19 रनों का योगदान दिया। पुड्डुचेरी के लिए उदेशी के छह विकेट के अलावा अशीत राजीव और फाबिद अहमद ने दो-दो विकेट लिए।
बिहार क्रिकेट ने बीसीसीआई के अध्यक्ष गांगुली से की ये अपील

बिहार क्रिकेट ने बीसीसीआई के अध्यक्ष गांगुली से की ये अपील

हार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) अध्यक्ष जगन्नाथ सिंह ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष सौरव गांगुली को पत्र लिखा है और कहा है कि वह 'बीसीसीआई के महाप्रबंधक क्रिकेट संचालन सबा करीम के आदेश के अनुसार राज्य क्रिकेट में हो रही गैरकानूनी और गलत गतिविधियों' पर ध्यान दें उनका निराकरण करें। जगन्नाथ ने कहा है कि करीम बीसीए में रविशंकर प्रसाद सिंह के नेतृत्व वाले तबके के हितों को बचा रहे हैं। उन्होंने भारत के पूर्व कप्तान को लिखे पत्र में सीओए को पूर्व में लिखे कई ई-मेल का जिक्र भी किया है जिसमें उन्होंने बीसीए की प्रशासन व्यवस्था पर ध्यान देने को कहा था। जगन्नाथ के इस पत्र की एक प्रति आईएएनएस के पास भी है। बीसीए अध्यक्ष ने गांगुली से अपील करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे को नए तरीके से देखें और इसके संबंध में जरूरी फैसले लें। जगन्नाथ ने इससे पहले बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिक
बिहार क्रिकेट ने BCCI प्रशासकों के खिलाफ दायर किया अवमानना का मुकदमा

बिहार क्रिकेट ने BCCI प्रशासकों के खिलाफ दायर किया अवमानना का मुकदमा

बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) के अध्यक्ष जगन्नाथ सिंह ने प्रशासकों की समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय, बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राहुल जौहरी और महाप्रबंधक (क्रिकेट संचालन) सबा करीम के खिलाफ सर्वोच्च अदालत के आदेश के उल्लंघन करने के कारण अवमानना का मुकदमा दायर किया है। जगन्नाथ का कहना है कि इन लोगों ने सर्वोच्च अदालत के नौ अगस्त 2018 के आदेश का उल्लंघन किया है। जगन्नाथ ने इससे पहले एक पत्र लिखकर इन सभी को केस करने की चेतावनी दे दी थी। उन्होंने अपने पहले के पत्र में कहा था कि अगर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अपनी वेबसाइट पर गोपाल बोहरा और रबि शंकर के नेतृत्व वाली गैरपंजीकृत बीसीए के संविधान को अपनी वेबसाइट से नहीं हटाती है तो वह इन सभी के खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा करेंगे। अंतत: जगन्नाथ ने इन सभी के खिलाफ अवमानना का मुकदमा दायर कर दिया है। जगन्नाथ ने
सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन

सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के अध्यक्ष जन्नाथ सिंह ने प्राशसको की समिति (सीओए) को सर्वोच्च अदालत के आदेश को न मानने के कारण अवमानना का मुकदमा दायर करने की धमकी दी है। बीसीए अध्यक्ष ने कहा है कि सीओए ने सर्वोच्च अदालत के नौ अगस्त 2018 के आदेश का उल्लंघन किया है। बीसीए ने यह फैसला तब लिया जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपनी वेबसाइट पर गोपाल बोहरा और रबि शंकर प्रसाद सिंह द्वारा भेजे गए अंपजीकृत संविधान को जारी कर दिया। जन्नाथ सिंह ने अपने पत्र में सिंह ने साफ-साफ लिखा है कि वेबसाइट पर अपंजीकृत संविधान जारी करना सर्वोच्च अदालत के आदेश का उल्लंघन है। ऐसे में दोनों संविधान वेबसाइट पर लगाए जाएं नहीं तो बीसीए इसके खिलाफ कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाएगा। इस पत्र की एक प्रति आईएएनएस के पास है। पत्र में लिखा है, "सर्वोच्च अदालत के निर्देश के अनुसार, राज्य संघ नौ अगस्त 20
विश्वकप हार के बाद भी रवि शास्त्री को मिली कोच की कमान

विश्वकप हार के बाद भी रवि शास्त्री को मिली कोच की कमान

कपिल देव की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने रवि शास्त्री को भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच पद पर बरकरार रखा है। शास्त्री 2021 में होने वाले टी-20 विश्व कप तक टीम के कोच बने रहेंगे। वह इस समय टीम के साथ विंडीज दौरे पर हैं और उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सीएसी के समक्ष इंटरव्यू दिया। सीएसी ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन कर इस बात की जानकारी दी। सीएसी के चेयरमैन कपिल देव ने कहा, "नंबर तीन पर आस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर टॉम मूडी थे और नंबर दो पर न्यूजीलैंड के माइक हेसन। आपने जैसी उम्मीद लगाई थी रवि शास्त्री नंबर एक रहे। लेकिन यह काफी करीबी मुकाबला था।" उन्होंने कहा, "हम तीनों ने आमसहमति से फैसला किया है कि रवि शास्त्री भारतीय टीम के मुख्य कोच पद पर बने रहेंगे।" शास्त्री ने इस रेस में आस्ट्रेलिया के टॉम मूडी और न्यूजीलैंड के माइक हेसन को पीछ
आर्मी कैंप में जूते पॉलिश करते दिखे धोनी, फोटो वायरल

आर्मी कैंप में जूते पॉलिश करते दिखे धोनी, फोटो वायरल

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह इन दिनों आर्मी कैंप में वक्त गुजार रहे हैं। दरअसल, सेना के मानद लेफ्टिनेंट कर्नल एमएस धोनी कश्मीर में भारतीय सेना के साथ अवंतिपोर में ड्यूटी कर रहे हैं। इस दौरान धोनी वे सब काम कर रहे हैं जो कि एक सैन्य अधिकारी को करने पड़ते हैं। हाल ही में उनका एक फोटो भी सामने आया है, जिसमें वे अपने जूते पॉलिश करते नजर आ रहे हैं। ये फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, और फैंस इसे उनकी सादगी का एक और सबूत बताते हुए शेयर कर रहे हैं। धोनी पैराशूट रेजीमेंट की 106 पैरा टेरिटोरियल आर्मी बटालियन में तैनात हैं, जो कि विक्टर फोर्स का हिस्सा है। अवंतिपोर की जिस आतंकवाद विरोधी यूनिट में धोनी तैनात हैं, वहां पर उन्हें सोने के लिए एक छोटा सा कमरा दिया गया है, जिसमें सिर्फ एक तख्त लगा हुआ है। वहां पर अपने सारे काम वे खुद कर रहे हैं और अन्य जवानों की हाजिरी भी लेते है
15 अगस्त को लद्दाख में तिरंगा फहराएंगे धोनी!

15 अगस्त को लद्दाख में तिरंगा फहराएंगे धोनी!

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लद्दाख के लेह में तिरंगा फहरा सकते हैं। भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि पा चुके धोनी इस समय टेरिटोरियल आर्मी के साथ जम्मू कश्मीर में ड्यूटी पर हैं। धोनी ने टेरिटोरियल आर्मी में काम करने के लिए क्रिकेट से दो महीने का आराम ले रखा है। उन्होंने 30 जुलाई को ड्यूटी संभाली थी और वे 15 अगस्त तक अपनी बटालियन के साथ लेह में रहेंगे। सेना के एक अधिकरी ने कहा, " धोनी भारतीय सेना के ब्रांड एंबेसडर हैं। वह अपनी यूनिट के सदस्यों को प्रेरित करने में लगे हुए हैं और अक्सर सैनिकों के साथ फुटबॉल और वॉलीबॉल खेल रहे हैं। वह कोर के साथ अभ्यास भी कर रहे हैं। वह 15 अगस्त तक घाटी में तब तक रहेंगे।" हालांकि अधिकारी ने यह नहीं बताया कि धोनी 15 अगस्त को किस स्थान पर तिरंगा फहराएंगे।
बिहार क्रिकेट फिर मुश्किल में, बीसीसीआई ने सभी फंड रोके

बिहार क्रिकेट फिर मुश्किल में, बीसीसीआई ने सभी फंड रोके

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त की गई प्रशासको की समिति (सीओए) ने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के सभी फंड रोक दिए हैं। यह फैसला बीसीए के अंदर बंटे दो धड़ों से मिल रहे लगातार मेल के बाद लिया गया है। सीओए ने एक मेल लिखकर बीसीए को इस बात की जानकारी दी। मेल में लिखा गया है, "यह मेल सीओए को मिले उन सभी मेल के संबंध में है जो बीसीए के दो धड़ों से आ रहे हैं और जिनमें कहा जा रहा है कि वह बीसीए से ताल्लुक रखते हैं और जो संविधान उन्होंने बनाया है, सीओए उसे ही माने।" मेल में लिखा गया है, "इसलिए सीओए के लिए यह मुमकिन नहीं है कि वह एक को नंजरअंदाज कर अन्य पक्ष द्वारा आई अपील, बयानों को प्राथमिकता दे। इसलिए सीओए दोनों पक्षों से कहना चाहती है कि दोनों इस संबंध में मिले अदालत के आदेश को सीओए के सामने पेश करें ताकि आगे की कार्रवाई की जाए।" मेल के मुताबिक, "साथ ही यह फैसला लिया गया है कि जब तक इन दो
error: Content is protected !!