townaajtak@gmail.com

कोरोना संकट के बीच सीवान में छठ घाट को लेकर क्या है नियम?

कोरोना संकट के बीच छठ पूजा के लिए तमाम राज्यों ने गाइडलाइन जारी की है. कुछ राज्यों के गाइडलाइन को लेकर जमकर बवाल भी हो रहा है. लेकिन सवाल है कि बिहार सरकार का इसपर क्या स्टैंड है और सीवान के प्रशासन ने क्या गाइडलाइन जारी की है.. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं..

दरअसल, सीवान डीएम अमित कुमार पांडे ने लोगों से नदी-घाटों की बजाए घर पर ही आस्था का अघर्य देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए घर पर ही अ‌र्घ्य देकर अपने घर-परिवार को संक्रमण से सुरक्षित रखे। कोरोना काल में जिस तरह जिले के लोगों ने अन्य पर्व-त्योहार मनाया है, उसी तरह छठ महापर्व भी मनाएं। गृह विभाग के निर्देश के आलोक में डीएम ने कहा कि महत्वपूर्ण नदियों के किनारे अवस्थित घाटों पर छठ पर्व के दौरान अत्यधिक भीड़ उमड़ती है। ऐसे में दो व्यक्तियों के बीच शारीरिक दूरी का अनुपालन कराना कठिन है। डीएम ने सभी शांति समिति के सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को घर पर ही छठ पूजा करने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

उन्होंने बताया कि छठ घाटों पर थूकना, आतिशबाजी करना एवं छठ घाट के आस-पास खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाना पूर्णत: वर्जित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी सामुदायिक भोज, प्रसाद या भोग का वितरण नहीं किया जाएगा। डीएम ने कहा कि छठ पूजा के अवसर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति एवं 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों तथा बुखार से ग्रस्त एवं अन्य गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को छठ घाट पर नहीं जाने की सलाह दी है। घाट पर मास्क का प्रयोग अनिवार्य होगा। एसपी अभिनव कुमार के मुताबिक छठ व्रतियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला जवानों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि छठव्रती तालाब में डुबकी लगाने से परहेज करें। मंदिर में प्रवेश करते समय शारीरिक दूरी तथा मास्क की अनिवार्यता को बताया।

Sharing is caring!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!