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चुनावी मौसम में दांव! सीवान समेत इन जिलों को PM मोदी ने दी बड़ी सौगात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बिहार को पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़ी तीन प्रमुख परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं में पारादीप-हल्दिया-दुगार्पुर पाइपलाइन विस्तार परियोजना का दुगार्पुर-बांका खंड और दो एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र शामिल हैं। इनकी स्थापना पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की देखरेख में पीएसयू कंपनियां इंडियन ऑयल और एचपीसीएल ने की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए इनसे बिहार को पहुंचने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन प्लांट्स से बिहार के बांका, भागलपुर, जमुई, अररिया, किशनगंज, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर, सिवान, गोपालगंज और सीतामढ़ी जिलों, झारखंड के गोड्डा, पाकुड़, देवघर, दुमका, साहिबगंज जिलों और यूपी के कुछ क्षेत्रों की एलपीजी से जुड़ी जरूरतें पूरी होंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, खुशी है कि गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट के दुगार्पुर-बांका सेक्शन का लोकार्पण करने का अवसर मुझे मिला है। इससे पहले पटना एलपीजी प्लांट के विस्तार और स्टोरेज कैपेसिटी बढ़ाने का काम हो, पूर्णिया के एलपीजी प्लांट का विस्तार हो, मुजफ्फरपुर में नया एलपीजी प्लांट हो, ये सारे प्रोजेक्ट पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जगदीशपुर-हल्दिया पाइपलाइन प्रोजेक्ट का जो हिस्सा बिहार से गुजरता है, उस पर भी काम पिछले साल मार्च में ही समाप्त कर लिया गया है। मोतीहारी अमलेखगंज पाइपलाइन पर भी पाइपलनाइन से जुड़ा काम पूरा कर लिया गया है।

उन्होंने कहा, अब देश और बिहार, उस दौर से बाहर निकल रहा है जिसमें एक पीढ़ी काम शुरू होते देखती थी और दूसरी पीढ़ी उसे पूरा होते हुए। नए भारत, नए बिहार की इसी पहचान, इसी कार्यसंस्कृति को हमें और मजबूत करना है। बिहार सहित पूर्वी भारत में ना तो सामथ्र्य की कमी है और ना ही प्रकृति ने यहां संसाधनों की कमी रखी है। बावजूद इसके बिहार और पूर्वी भारत विकास के मामले में दशकों तक पीछे ही रहा। इसकी बहुत सारी वजहें राजनीतिक थी, आर्थिक थीं, प्राथमिकताओं की थीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गैस बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रो-कनेक्टिविटी, ये सुनने में बड़े टेक्नीकल से लगते हैं, लेकिन इनका सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ता है, जीवन स्तर पर पड़ता है। गैस बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रो-कनेक्टिविटी रोजगार के भी लाखों नए अवसर बनाती है। आज जब देश के अनेकों शहरों में सीएनजी पहुंच रही है, पीएनजी पहुंच रही है, तो बिहार के लोगों को पूर्वी भारत के लोगों को भी ये सुविधाएं उतनी ही आसानी से मिलनी चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना के तहत पूर्वी भारत को पूर्वी समुद्री तट के पारादीप और पश्चिमी समुद्री तट के कांडला से जोड़ने का भागीरथ प्रयास शुरू हुआ। करीब 3 हजार किमी लंबी पाइपलाइन से 7 राज्यों को जोड़ा जा रहा है जिसमें बिहार का प्रमुख स्थान है। उज्जवला योजना की वजह से आज देश के 8 करोड़ गरीब परिवारों के पास भी गैस कनेक्शन मौजूद है। इस योजना से गरीब के जीवन में क्या परिवर्तन आया है, ये कोरोना के दौरान हम सभी ने फिर महसूस किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक समय था जब बिहार में एलपीजी गैस कनेक्शन होना बड़े संपन्न लोगों की निशानी होता था। एक-एक गैस कनेक्शन के लिए लोगों को सिफारिशें लगवानी पड़ती थीं। जिसके घर गैस होती थी, वो माना जाता था कि बहुत बड़े घर-परिवार से है। लेकिन बिहार में अब ये अवधारणा बदल चुकी है।

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