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Month: September 2020

सीवान: आपराधिक छवि के लोगों की DM के सामने हो रही पेशी, जानिए वजह

सीवान: आपराधिक छवि के लोगों की DM के सामने हो रही पेशी, जानिए वजह

सीवान में निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव को संपन्न कराने में बाधा उत्पन्न करने वालों की पेशी मंगलवार को जिलाधिकारी अमित कुमार पांडेय की कोर्ट में हुई। यहां डीएम ने मजिस्ट्रेट के रूप में सभी लोगों की बातों को सुना । कोर्ट में पेशी के लिए शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न थानों के ऐसे लोग पहुंचे थे जिन पर विभिन्न घटनाओं को लेकर आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनकी मौजूदगी से जिले में निष्पक्ष चुनाव बाधित हो सकता है। पेशी के दौरान सभी लोगों ने अपनी अपनी बातों को एक एक कर मजिस्ट्रेट के समक्ष रखा। हालांकि जिलाधिकारी सह मजिस्ट्रेट की अदालत में अभी ऐसे लोगों की पेशी नामांकन के पूर्व तक होती रहेगी। दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक एसपी कार्यालय से करीब 130 लोगों की सूची भेजी गई है जिन पर एसपी ने सीसीए के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की है। ऐसे में अब सीसीए की कार्रवाई पेशी के बाद जल्द ही जिलाधिकारी के
खत्म हुआ 28 साल का इंतजार, बाबरी में आडवाणी—जोशी समेत सभी बरी

खत्म हुआ 28 साल का इंतजार, बाबरी में आडवाणी—जोशी समेत सभी बरी

अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को गिराए गए विवादित ढांचे के मामले में सीबीआई की विशेष कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया। अदालत ने इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार समेत सभी 32 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। 28 साल से चल रहे इस मुकदमे का विशेष जज एस.के. यादव ने अपने कार्यकाल का अंतिम फैसला सुनाते हुए कहा कि अयोध्या विध्वंस पूर्व नियोजित नहीं था। घटना के प्रबल साक्ष्य नही हैं। न्यायालय ने यह माना है कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों के खिलाफ ठोस सबूत नहीं हैं। कुछ अराजक तत्वों ने इस कार्य को अंजाम दिया था। सीबीआई कोर्ट के विशेष जज एस.के. यादव ने अपने फैसले में कहा कि छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा पर पीछे से दोपहर 12 बजे पथराव शुरू हुआ। अशोक सिंघल ढांचे को सुरक्षित रखना चाह
पुष्पम प्रिया चौधरी को बड़ा झटका, सिम्बल पर चुनाव नहीं लड़ पाएगी पार्टी!

पुष्पम प्रिया चौधरी को बड़ा झटका, सिम्बल पर चुनाव नहीं लड़ पाएगी पार्टी!

अखबारों में विज्ञापन छपवाकर खुद को भावी मुख्यमंत्री बताने वाली और रातोंरात सुर्खियों में आई पुष्पम प्रिया चौधरी को बड़ा झटका लग सकता है। पहले चरण में उनकी पार्टी प्लूरल्स 71 सीटों पर पार्टी सिम्बल पर अपने उम्मीदवार नहीं उतार सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि अब तक पुष्पम प्रिया की पार्टी प्लूरल्स का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका है। चुनाव आयोग के पास यह मामला लंबित है और 8 अक्टूबर को 25 दिन पूरे हो रहे हैं। अगर 8 अक्टूबर तक प्लूरल्स के रजिस्ट्रेशन पर कोई आपत्ति नहीं दर्ज होती है तो 9 अक्टूबर को उनकी पार्टी का स्वतः रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। क्यों लग सकता है पुष्पम प्रिया को झटका? बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का नामांकन एक अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। नामांकन की आखिरी तारीख 8 अक्टूबर को है। ऐसे में 8 अक्टूबर तक अगर प्लूरल्स का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो पुष्पम प्रिया को बड़ा झटका लग सकता है। ऐसे में प
”चिराग पासवान एलजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार, इसमें कोई शक नहीं”

”चिराग पासवान एलजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार, इसमें कोई शक नहीं”

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के नामांकन की प्रक्रिया एक अक्तूबर से शुरू हो रही है। वहीं, राजनीतिक दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला अब तक नहीं हो सका है। एनडीए के बीच जारी तनातनी के बीच एलजेपी के राष्ट्रीय महासचिव शाहनवाज अहमद कैफी ने बड़ा बयान दिया है। शाहनवाज अहमद कैफी ने मंगलवार को कहा है कि चिराग पासवान निश्चित रूप से हमारी पार्टी एलजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है। बता दें कि इससे पहले दिल्ली में सोमवार की शाम को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से एलजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान मिले थे। मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी ने एलजेपी को 27 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है। इस मसले पर चिराग पासवान ने पार्टी नेताओं से विचार करने की बात कही थी।
बिहार में गठबंधन की भरमार! उपेंद्र कुशवाहा और मायावती अब एक साथ

बिहार में गठबंधन की भरमार! उपेंद्र कुशवाहा और मायावती अब एक साथ

बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले विपक्षी दलों को मंगलवार को एक और झटका लगा, जब राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने महागठबंधन से अलग होकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ एक गठबंधन बनाने की घोषणा की। इस गठबंधन में जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) भी शामिल है। रालोसपा के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार को पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने महागठबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि महगठंबधन की आज जो स्थिति में है, उसमें ऐसा लगा कि 15 सालों से जो नीतीश कुमार बिहार को रसातल में ले जा रहे हैं, उससे यह महागठबंधन बिहार को मुक्ति नहीं दिला पाएगा। यही कारण है कि उन्होंने यह फैसला लिया। इस संवाददाता सम्मेलन में बसपा के बिहार प्रभारी रामजी सिंह गौतम और जनवादी पार्टी (सोशलिसट) के संजय सिंह चौहान
सीवान में चुनाव का ऐलान क्या हुआ, हत्याओं का दौर शुरू हो गया

सीवान में चुनाव का ऐलान क्या हुआ, हत्याओं का दौर शुरू हो गया

बिहार विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। तीन चरणों में होने वाले इस चुनाव से पहले ही सीवान समेत बिहार भर में अपराध का ग्राफ बढ़ गया है। अगर हम सिर्फ सीवान जिले की बात करें तो बीते 24 घंटे में तीन मर्डर का मामला सामने आया है। ताजा मामले में सीवान में हथियारबंद अपराधियों ने लूटपाट के दौरान एक रिटायर्ड दरोगा की गोली मार हत्या कर दी है। रिटायर्ड दरोगा यूपी के सलेमपुर थाना क्षेत्र तिलौली निवासी गोरख प्रसाद थे। वारदात जिले के गुठनी थाना क्षेत्र के भठई गांव में रविवार की देर रात बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक घटना को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने दरोगा की बोलेरो गाड़ी भी लेकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि गोरख प्रसाद रविवार को सीवान जंक्शन अपनी समधन को रिसीव करने गए थे। समधन को रिसीव करने के बाद वे उन्हें छोड़ने के लिए समधन के गांव नौतन थाना क्षेत्र के अंगौता गए थे। वहां भोजन करने के ब
क्या 2 महीने में 10 लाख लोगों को नौकरी दे पाएंगे तेजस्वी

क्या 2 महीने में 10 लाख लोगों को नौकरी दे पाएंगे तेजस्वी

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरते हुए वादा किया कि अगर बिहार के लोग उनकी पार्टी को मौका देते है, तब सरकार बनने के दो महीने के अंदर 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। पटना में राजद प्रदेश कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनी तो कैबिनेट की पहली बैठक में 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का फैसला किया जाएगा। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में 50 हजार पुलिसकर्मियों के पद रिक्त है, जिस पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि बिहार में एक लाख आबादी पर 77 पुलिसकर्मी हैं जबकि राष्ट्रीय औसत 144 पुलिसकर्मियों का है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में भी बिहार में 1 लाख 25 हजार चिकित्सकों की जबकि कुल मिलाक
पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे: सुशांत को इंसाफ दिलाने की मुहिम राजनीति में एंट्री पर खत्म!

पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे: सुशांत को इंसाफ दिलाने की मुहिम राजनीति में एंट्री पर खत्म!

बिहार के पूर्व महानिदेशक (डीजीपी) गुप्तेश्वर पांडेय ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर नीतीश कुमार की पार्टी सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) की सदस्यता ग्रहण कर ली। गुप्तेश्वर पांडे ने ये राजनीतिक चौका ऐसे समय में लगाया है जब देश में सुशांत सिंह राजपूत केस में इंसाफ दिलानें की मुहिम चल रही है। आपको बता दें कि सुशांत सिंह केस में गुप्तेश्वर पांडे बड़ी एक्टिव दिखे थे। पार्टी के अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर पार्टी के सांसद ललन सिंह और बिहार के मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद थे। जदयू की सदस्यता ग्रहण करने और राजनीतिक पारी की शुरुआत करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में पांडेय ने कहा कि राजनीति को वे ज्यादा नहीं जानते। उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार हमारे नेता हैं, उनके और पार्टी की तरफ से जो आदेश मिलेगा उसका पालन करेंगे।" बक्सर से चुनाव लड़ने के सं
नीतीश कुमार से मिलने के बाद भी गुप्तेश्वर पांडे ने क्यों नहीं JDU ज्वाइन किया?

नीतीश कुमार से मिलने के बाद भी गुप्तेश्वर पांडे ने क्यों नहीं JDU ज्वाइन किया?

बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय शनिवार दोपहर 12 बजे अचानक पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित जदयू मुख्यालय पहुंच गए। उनको अचानक जदयू दफ्तर पहुंचे देख वहां मीडियावालों का हुजूम लग गया। वहां कुछ देर में मुख्यमंत्री और जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार भी पहुंचने वाले थे। सभी यह कयास लगाने लगे कि गुप्तेश्वर पांडेय जदयू में शामिल होने जा रहे हैं और नीतीश कुमार ही उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाएंगे। हालांकि यह बात कयास ही साबित हुई। क्योंकि मुख्यमंत्री के जदयू दफ्तर पहुंचने के कुछ ही देर बाद गुप्तेश्वर पांडेय वहां से निकल गए। निकलने से पहले मीडियावालों से उन्होंने यह कहा कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद देने आए थे। धन्यवाद इस बात का कि उन्होंने मुझे पद पर रहते हुए पूरी आजादी से कार्य करने का मौका दिया। राजनीति में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बार-बार यही दोहराया कि
बिहार चुनाव: पप्पू यादव की जाप समेत नई पार्टियों का खुलेगा खाता?

बिहार चुनाव: पप्पू यादव की जाप समेत नई पार्टियों का खुलेगा खाता?

चुनाव आयोग द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद यह तय है कि चुनावी दंगल में मुख्य मुकाबला सतारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और विपक्षी दलों के राजद नेतृत्व वाले गठबंधन में होना है। हालांकि, अब तक इन दोनों गठबंधनों का आकार पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इस चुनाव में कई ऐसे दल भी ताल ठोंकते नजर आएंगे जिनका खाता अभी विधानसभा में खुलना शेष है। इसमें वामदल जैसी पार्टी भी शामिल है, जिन्हें पिछले कुछ चुनावों में बहुत कम सीटों पर संतोष करना पड़ा है। इसके अलावा, कई ऐसी पार्टियां भी इस चुनाव में मतदाताओं के सामने होंगी, जिनके निजाम दूसरे दलों में थे और अब खुद की पार्टी बना ली है। जन अधिकार पार्टी, विकासशील इंसान पार्टी, जनता दल (राष्ट्रवादी), जनतांत्रिक विकास पार्टी (जविपा) सहित कई ऐसी पार्टियां हैं जिनकी प्राथमिकता बिहार विधानसभा मे
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