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Month: April 2020

कभी बिहार क्यों नहीं आना चाहते थे ऋषि कपूर?

कभी बिहार क्यों नहीं आना चाहते थे ऋषि कपूर?

महान बॉलीवुड अभिनेता ऋषि कपूर का निधन हो गया है। 67 वर्षीय अभिनेता ने गुरुवार को अंतिम सांस ली। अभिनय की दुनिया में तो ऋषि कपूर ने खूब नाम कमाया ही था। इसके अलावा वे सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहते थे। वे अपने ट्वीट के जरिए देश के सम-सामायिक मुद्दों पर अपनी अपनी राय रखते रहते थे। ऋषि कपूर में बिहार सरकार की ओर से पूर्ण शराबबंदी लागू होने के फैसले पर सवाल उठाया था। ऋषि कपूर ने अपने ट्वीट में कहा था, 'बिहार सरकार शराब की तस्करी और अवैध शराब को बढ़ावा देने वाला कदम उठाई है। दुनियाभर में शराब पर प्रतिबंध असफल रहा है। जाग जाओ। बिहार तुम्हें 3,000 करोड़ रुपये के राजस्व का भी नुकसान होगा।' उन्होंने एक और ट्वीट में कहा था, 'शराब के लिए 10 साल की जेल, अवैध तरीके से हथियार रखने पर पांच साल? वाह CM नीतीश! मैं बिहार नहीं आ रहा! 2016 में आप इतने अदूरदर्शी कैसे हो गए?' इस ट्वीट के साथ ऋषि क
एक ऐसी बीमारी जिसने इरफान खान की जान लेकर ही सब्र लिया

एक ऐसी बीमारी जिसने इरफान खान की जान लेकर ही सब्र लिया

लंबे समय से न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से जूझ रहे बॉलीवुड अभिनेता इरफ़ान ख़ान का निधन हो गया है। मंगलवार को तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया था। इरफान खान के एक प्रवक्ता ने बताया है, "आज यह दुखद ख़बर हम दे रहे हें कि वो हमारे बीच नहीं रहे। इरफान एक मजबूत इरादों वाले इंसान थे जिन्होंने अंत तक लड़ाई लड़ी। उन्होंने हमेशा अपने करीब आने वाले लोगों को प्रेरणा दी। वो अपने परिवार को जिन्हें उन्होंने हमेशा बहुत प्यार किया, छोड़कर जन्नत चले गए हैं। उन्हें अपने परिवार का भरपूर प्यार मिला.।वो अपने पीछे एक विरासत छोड़ गए हैं. हम सब उनकी आत्मा की शांति की दुआ करते हैं।" आपको बता दें कि पिछले साल (2019) में इरफ़ान ख़ान लंदन से इलाज करवाकर लौटे थे और लौटने के बाद वो कोकिलाबेन अस्पताल के डॉक्टरों की देखरेख में ही ट्रीटमेंट और रुटीन चेकअप करवा रहे थे।
PM मोदी के सामने बोले नीतीश कुमार-कोटा से बच्चों को न बुलाएं राज्य

PM मोदी के सामने बोले नीतीश कुमार-कोटा से बच्चों को न बुलाएं राज्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ लॉकडाउन पर चर्चा की। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोटा में रह रहे बच्चों का मसला उठाया। इस बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि कोटा समेत अन्य राज्यों से छात्रों को वापस बुलाने पर एक ही नीति बननी चाहिए। नीतीश कुमार बोले कि जब साफ कहा गया कि राज्य-जिले में आना-जाना बंद हो, फिर भी कुछ राज्य बच्चों को बुला रहे हैं। लेकिन हम सिर्फ केंद्र के फैसले का पालन कर रहे हैं।  जाहिर तौर पर नीतीश कुमार कोटा से बच्चों को वापस बुलाए जाने के पक्ष में नहीं हैं। बच्चों के अलावा नीतीश ने मजदूरों को लेकर भी नीति बनाने को कहा। बता दें कि राजस्थान के कोटा में हजारों की संख्या में बच्चे लॉकडाउन के दौरान फंसे हुए हैं। ये बच्चे बिहार सरकार से लगातार वापस बुलाए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए कई बच्चों ने अनशन भी कर रखा है।
ये कैसी सजा! जिस अधिकारी ने होमगार्ड को कराई उठक-बैठक, उसे मिला प्रमोशन

ये कैसी सजा! जिस अधिकारी ने होमगार्ड को कराई उठक-बैठक, उसे मिला प्रमोशन

बिहार के अररिया में होमगार्ड के वायरल वीडियो मामले में बिहार सरकार ने जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार पर कार्रवाई करने के बजाए प्रमोशन दे दिया है। कुछ दिनों पहले अररिया में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार को पुलिस विभाग में चौकीदार गणेश तत्मा को सजा के तौर पर उठक-बैठक करवाते देखा गया था। चौकीदार की गलती बस इतनी थी कि लॉकडाउन के दौरान अपनी ड्यूटी करते वक्त उसने मनोज कुमार की गाड़ी को रोका था. इस बात पर कृषि पदाधिकारी इतना नाराज हो गए थे कि उन्होंने चौकीदार को जेल भेजने की धमकी दे डाली थी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग ने मौके पर मौजूद एएसआई गोविंद सिंह को सस्पेंड कर दिया था क्योंकि उसने भी कृषि पदाधिकारी का ही साथ दिया था और चौकीदार से उठक-बैठक करवाई थी। बिहार मानवाधिकार आयोग ने भी इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए अररिया के जिलाधिकारी और
कोटा में फँसे बिहार के छात्र, बच्चों जैसे बहाने बनाती बिहार सरकार

कोटा में फँसे बिहार के छात्र, बच्चों जैसे बहाने बनाती बिहार सरकार

नोट—ये लेख पत्रकार रविश कुमार के फेसबुक वॉल से लिया गया है असम सरकार ने डबल इंजन चार्टड विमान से अधिकारियों का दल जयपुर भेजा है। ताकि असम से जयपुर की यात्रा का समय बचें और वे कोटा जाकर अपने छात्रों को ले आएँ। इन छात्रों को विमान से नहीं ले जाया जाएगा। उधर बिहार सरकार ज़िद पर अड़ी है। पटना हाईकोर्ट में कहा है कि वह तालाबंदी के नियमों का पालन सख़्ती से कर रही है। हंसी आती है। क्या बिहार सरकार यह कह रही है कि बाक़ी राज्य तालाबंदी के नियमों को तोड़ कर अपने छात्रों को ला रहे हैं? तालाबंदी के नियम कोई अंतिम बार के लिए नहीं बने हैं। रोज़ इनमें ढील दी जा रही है। बदलाव हो रहे हैं। अगर इतने सारे राज्यों ने नियमों को तोड़ कर अपने छात्रों को वापस बुला लिए हैं तो क्या उन्हें इस अपराध के लिए सज़ा भी मिलेगी ? हाई कोर्ट ही बता दें या नीतीश कुमार वो किताब दिखा दें जहां लिखा है कि बाक़ी राज्यों
बिहार में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, सीवान में भी मिला मरीज

बिहार में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, सीवान में भी मिला मरीज

बिहार में कोरोना के नए मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को 19 नए मरीज मिल चुके हैं, जिसके बाद Covid-19 के पॉजिटिव केस की संख्या 162 हो चुकी है। नए मामलों में चार मरीज मुंगेर जिले के जमालपुर के सदर बाजार से मिले हैं,तो वहीं छह मरीज सासाराम के हैं। इसके अलावा आठ मरीजों के साथ कोरोना ने कैमूर में एंट्री की। कैमूर 18वां जिला बन गया। इसी तरह, सीवान जिले में भी एक मरीज कोरोना पॉजीटिव मिला है। बताया जा रहा है कि ये सीवान के गोरियाकोठी का रहने वाला है। बता दें कि पिछले तीन दिनों में बिहार में पॉजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बुधवार को जहां 17 मरीज मिले थे तो वहीं मंगलवार को भी एक साथ 13 नए मरीज मिले थे। सोमवार को भी नए मरीजों का आंकड़ा 17 पहुंच गया था। इस तरह पिछले तीन दिन में 50 से ज्यादा मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है। https://www.youtube.com/watch?v=oMdbegCXrf8
कोटा में फंसे बच्चों का मामला: कोर्ट ने मांगा जवाब, नीतीश सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

कोटा में फंसे बच्चों का मामला: कोर्ट ने मांगा जवाब, नीतीश सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

राजस्थान के कोटा में फंसे बिहार के छात्रों को वापस लाने के मामले में गुरुवार को एक याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को निर्देश दिया है कि 5 दिनों के अंदर इस मामले पर जवाब दें। अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी। इस बीच, कोटा सहित अन्य जगहों पर फंसे बिहार के छात्र- छात्राओं के लिए हेल्पलाइन नंबर (0612-2294600) जारी किया गया है। बिहार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने यह जानकारी दी। इस नंबर पर छात्रों के सूचना देने के बाद उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से उनतक सहायता पहुंचाई जाएगी। क्या कहा कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के जस्टिस हेमंत कुमार और आरके मिश्रा की खंडपीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस मामले की सुनवाई की। पटना के रहने वाले पवन कुमार के वकील प्रकृति शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका में कोटा में फं
क्या कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सिर्फ औपचारिकता निभा रहा है सीवान?

क्या कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सिर्फ औपचारिकता निभा रहा है सीवान?

आज की तारीख में कोरोना वायरस सबसे बड़ा संकट बन चुका है। लॉकडाउन की वजह से जिंदगियां कमरे में बंद हैं। इस दौर से बिहार का सीवान जिला भी गुजर रहा है। बिहार के सीवान जिले को कोरोना का हॉटस्पॉट माना गया है। लेकिन जिले के लोग उस दौर से गुजर रहे हैं, जहां कोरोना के खिलाफ लड़ाई औपचारिकता भर लगती है। लापरवाही का नतीजा.. ये बात हम कहें भी क्यो नहीं। एक व्यक्ति खाड़ी देश से सीवान में आता है, एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रिनिंग की जाती है। एयरपोर्ट प्रशासन के आदेश के बाद वह सीवान के पंजवार नामक गांव में आ जाता है। उसे क्वारंटाइन किया जाता है। क्वारंटाइन के दौरान वह शख्स खुलेआम गांव में घूमता है। कुछ दिन बाद बिहार सरकार जब जांच करती है तो उस शख्स का रिपोर्ट कोरोना पाॅजिटिव आ जाता है। तब तक वह पूरे गांव में कोरोना को बांट चुका होता है। आनन—फानन में गांव को सील कर दिया जाता है, जो बेहद ही आवश्यक कदम
शिल्पा भट्ट बहुगुणा: एक महिला, जिसका एक्कै मकसद-कोई भूखा न रह जाए

शिल्पा भट्ट बहुगुणा: एक महिला, जिसका एक्कै मकसद-कोई भूखा न रह जाए

हमरा एक्कै मकसद है, बदला... अगर आप फिल्मों के शौकीन हैं तो इस डायलॉग से वाकिफ होंगे। ये डायलॉग सुपरहिट फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर का है। वैसे ये डायलॉग तो फिल्मी है लेकिन इससे ही मिलती जुलती बात शिल्पा भट्ट बहुगुणा भी कहती हैं। शिल्पा भट्ट बहुगुणा का भी एक्कै मकसद है, कोई भूखा न रह जाए... इस मकसद को पूरा करने के लिए शिल्पा भट्ट बहुगुणा लॉकडाउन में भी सड़कों पर हैं। शिल्पा सड़कों पर इसलिए हैं ताकि कोई गरीब, लाचार, बुजुर्ग या कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे लोग भूखा न रह जाए। उत्तराखंड के देहरादून की रहने वाली शिल्पा भट्ट बहुगुणा पेशे से कारोबारी हैं। देहरादून में रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में एक विशेष पहचान बना चुकी शिल्पा ने लॉक डाउन शुरू होते ही ऐसे लोगों की मदद का बीड़ा उठाया जिन्हें खाना तक नसीब नहीं हो रहा था। जिस वक्त आम लोग घरों में कैद थे उस वक्त शिल्पा ने अपने कुछ कर्मचारियों के साथ
ये कैसी कार्रवाई! कोटा जाने के मामले में SDO-ड्राइवर निलंबित, विधायक जी का क्या होगा?

ये कैसी कार्रवाई! कोटा जाने के मामले में SDO-ड्राइवर निलंबित, विधायक जी का क्या होगा?

कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन में भारतीय जनता पार्टी के नवादा जिले के हिसुआ के विधायक अनिल सिंह कोटा में पढ़ रही बेटी को वहां से बिहार ले आए हैं। जबकि, आम लोगोे के बच्‍चे वहीं फंसे पड़े हैं। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद विधायक को कोटा आने-जाने के लिए पास जारी करने वाले अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। विधायक अनिल सिंह के ड्राइवर शिवमंगल सिंह पर भी बुधवार को गाज गिर गई। वहीं विधायक पर अभी कार्रवाई की सोची जा रही है। इस बीच, पटना हाईकोर्ट ने कोटा में फंसे बच्चों को वापस लाने के मामले में पटना हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से बुधवार दोपहर तक रिपोर्ट मांगी थी। इसपर मुख्‍य सचिव ने गुरुवार तक के लिए मोहलत मांगी है। बता दें कि उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोटा में पढ़ रहे अपने बच्‍चों को वापस बुलाने का फैसला किया तथा उन्‍हें लाने के लिए बसें भेजी। इसे मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने लॉकडाउन
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