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Month: March 2020

कोरोना को लेकर सीरियस क्यों नहीं है सीवान?

कोरोना को लेकर सीरियस क्यों नहीं है सीवान?

वैसे तो ​बिहार में सीवान जिला हर मामले में पीछे रहता है लेकिन कोरोना के मामले में यह रिकॉर्ड टूट रहा है। जी हां, बिहार के सीवान जिले में कोरोना के पॉजीटिव केस 5 हो गए हैं। ये बिहार के किसी एक जिले में सबसे ज्यादा है। बता दें कि बिहार में कुल अब तक 20 पॉजीटिव मामले सामने आए हैं। अहम बात ये है कि सीवान में पहला पॉजीटिव मामला शुक्रवार को आया था। इसके कुछ दिन बाद मंगलवार को एक साथ 4 मामले सामने आए। हालांकि, कई संदिग्धों को अब भी आइसोलेशन में रखा गया है। लेकिन सवाल है कि सीवान के लोग कोरोना वायरस को गंभीरता से क्यों नहीं ले रहे हैं। स्थानीय पत्रकार बताते हैं कि बिहार के लोगों में अब भी कोरोना को लेकर डर नहीं है। वो अब भी इसे मजाक में ले रहे हैं। इससे सीवान भी अछुता नहीं है। सीवान जिले के सब्जी मंडी में चले जाइए, वहां हर शाम भीड़ नजर आएगी। लोग लॉकडाउन का मतलब समझ नहीं पा रहे हैं। लोगों को
सीवान में खतरनाक बना कोरोना वायरस, एक साथ 4 पॉजीटिव केस

सीवान में खतरनाक बना कोरोना वायरस, एक साथ 4 पॉजीटिव केस

बिहार के सीवान जिले में कोरोना वायरस खतरनाक बन चुका है। सीवान में मंगलवार को एक साथ 4 पॉजीटिव मामले सामने आए हैं। यह बिहार में किसी एक दिन का सबसे अधिक मामला है। इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या 20 हो गई है। इससे पहले आज ही सुबह गोपालगंज के एक मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। सीवान जिले से चार नए मामले सामने आने के साथ ही जिले में कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़कर अब पांच हो गई है। सीवान से जिन चार लोगों की रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है, उनके सीधे संपर्क में आने वाले लोगों की प्रशासन ने तलाश शुरू कर दी है। सभी को सेल्फ आइसोलेट कर लेने के लिए कहा गया है। अब सभी के सैंपल लिए जाएंग और टेस्ट होगा।  राज्य के 20 कोरोना संक्रमितों में से पटना और सीवान के पांच व मुंगेर के चार मरीज शामिल हैं। इसके अलावा नालंदा, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा और गोपालगंज के एक-एक मरीज शामिल हैं।
लॉकडाउन का फायदा उठा रहे सीवान के डीलर! सुरवल में आया घोटालेबाजी का मामला

लॉकडाउन का फायदा उठा रहे सीवान के डीलर! सुरवल में आया घोटालेबाजी का मामला

लॉकडाउन में लोगों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। राशन से लेकर अन्य कई तरह की समस्याएं आ रही हैं। इस हालात का फायदा भी उठाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक सीवान के सुरवल पंचायत में डीलर राशन का सामान देने में आनकानी कर रहे हैं। स्थानीय निवासी ने टाउन आजतक को बताया कि बड़हरिया विधानसभा के सुरवल पंचायत के डीलर भरत सिंह और पृथ्वी सिंह उनके हक का राशन नहीं दे रहे हैं। इसके खिलाफ आवाज उठाने पर धमकी दी जा रही है। स्थानीय युवक ने टाउन आजतक को इसका वीडियो भी बनाकर भेजा है। बता दें कि सीवान जिला प्रशासन की ओर से लगातार कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही लॉकडाउन में लोगों को राशन—पानी का इंतजाम करने के भी प्रयास हो रहे हैं।   https://youtu.be/QhcTRBu1qhE
सीवान में झोलाछाप डॉक्टर करेंगे कोरोना का इलाज, लालू यादव ने उठाए सवाल

सीवान में झोलाछाप डॉक्टर करेंगे कोरोना का इलाज, लालू यादव ने उठाए सवाल

बिहार के सीवान जिले में कोरोना वायरस का इलाज अब झोलाछाप डॉक्टर करेंगे। जी हां, दरसअल, राजद के नेता डॉक्टर तनवीर हसन ने एक पत्र सोशल मीडिया पर साझा की है। सीवान स्वास्थ्य समिति के इस पत्र में लिखा गया है कि सीवान के सभी प्रखंडों में झोलाछाप डॉक्टरों को चिन्हित किया जाएगा। इन्हें कोरोना को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस पत्र को शेयर करते हुए तनवीर हसन ने लिखा सनसनीख़ेज़ ख़बर- बिहार में अब कोरोना का इलाज अब बिहार के झोलाछाप डॉक्टर कर सकते है। बिहार के बारे में चिंतित साथी अब आवाज़ उठायें। बस अब और लापरवाही नहीं। तनवीर हसन के इस पोस्ट को लालू यादव के ट्वीटर हैंडल से भी शेयर किया गया है। लालू यादव ने लिखा— झोलाछाप डॉक्टर, कोरोना और बिहार = ड़बल इंजन सरकार! बता दें कि सीवान में बीते शुक्रवार को कोरोना का पहला पॉजीटिव केस मिला है। ये मामला सीवान के नौतन इलाके का है। इसके अलावा
खतरनाक बन रहा कोरोना वायरस, सिर्फ अमेरिका में होगी 2 लाख लोगों की मौत!

खतरनाक बन रहा कोरोना वायरस, सिर्फ अमेरिका में होगी 2 लाख लोगों की मौत!

घातक हथियारों और मजबूत अर्थव्यवस्था के दम पर पूरी दुनिया पर धौंस जमाने वाला अमेरिका भी कोरोना वायरस के सामने रेंग रहा है। डोनाल्ड ट्रंप की सरकार तमाम कोशिशें कर रही है, लेकिन कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बिगड़ते हालात में 1 लाख से अधिक लोगों की मौत हो सकती है। ये आशंका नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एलर्जी ऐंड इन्फेक्शन डिजिज (एनआईएआईडी) के डायरेक्टर डॉ. एंथनी फौसी ने लगाया है। फौसी ने दावा किया है कि आने वाले वक्त में कोरोना वायरस की वजह से 1 से 2 लाख तक अमेरिकी की मौत हो सकती है। डॉ. एंथनी फौसी के अनुमान ने अमेरिका की ट्रंप सरकार की नींद उड़ा दी है। ऐसे में ये दावा भारत के लिए भी एक बहुत बड़े संकट की घंटी बजा रहा है। आपको बता दें कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका में कोरोना के रविवार तक 1.3 लाख केस की पुष्टि हो चुकी है और 2300 से अधिक लोगों की जान गई है। यह वायरस अमेरिका के
हे भगवान! कोरोना संकट के बीच चमकी की वजह से बिहार में पहली मौत

हे भगवान! कोरोना संकट के बीच चमकी की वजह से बिहार में पहली मौत

बिहार में चमकी बुखार से पहली मौत हो गई है। ये वही चमकी बुखार है जिसकी वजह से पिछले साल बिहार में 200 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी। बता दें कि बिहार समेत देशभर में कोरोना वायरस का संकट फैला हुआ है। इस संकट के बीच चमकी बुखार की दस्तक कहीं न कहीं एक चुनौती बन गई है।
बिहार: सैकडों मजदूरों को सीवान में घुसने से रोका गया, जमकर मचा बवाल

बिहार: सैकडों मजदूरों को सीवान में घुसने से रोका गया, जमकर मचा बवाल

https://www.youtube.com/watch?v=OW0TtVNuhGY बिहार में घुस रहे सैकडों मजदूरों को सीवान के मेहरौना बॉर्डर पर स्थित एक निजी स्कूल में रखा गया है। रविवार को ये मजदूर हंगामा करने लगे, जिसकी सूचना मिलते ही एसपी दलबल के साथ वहां पहुँचे। सरैया स्थित आरबीटी विद्यालय में बने अस्थाई कैंप में बिजली, पानी व दवाईयां नहीं मिलने से भड़के लोगों ने रविवार को जमकर हंगामा किया। इस दौरान लोगों ने कहा कि कोरोना से संक्रमित नहीं होने के बावजूद उन्हें राहत कैंप में रखा गया है। स्थानीय प्रशासन पर लोगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि राहत कैंप में बेवजह लोगों को रोक कर रखा गया है। कहा कि इस हालत में बिना बीमारी के ही बीमार पड़ जाएंगे। शनिवार की देर रात यूपी के नोएडा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, झांसी, बरेली, गोरखपुर, देवरिया के रास्ते श्रीकरपुर चेकपोस्ट पहुंचे 83 लोगों को रोक लिया गया था।
कोरोना से लड़ने के लिए सीवान का क्वारंटाइन सेंटर कहां बना है?

कोरोना से लड़ने के लिए सीवान का क्वारंटाइन सेंटर कहां बना है?

बीते शुक्रवार को बिहार के सीवान जिले में कोरोना का एक पॉजीटिव केस मिला है। इसके अलावा 15 से अधिक संदिग्ध की पहचान हुई है। इस हालात में अब सीवान के लोगों को पहले से अधिक अलर्ट रहने की जरूरत है। सीवान में बाहर से कोई आ रहा है तो उसे क्वारंटाइन सेंटर का रास्ता दिखा दीजिए। लेकिन क्या आपको पता है कि सीवान का क्वारंटाइन सेंटर कहां बना हुआ है। दरअसल, जिला प्रशासन ने शहर के महादेवा स्थित वीएम हाई स्कूल के एक भवन को क्वारंटाइन सेंटर बनाया है। यहां जरूरतमंदों के लिए रहने के साथ साथ भोजन पानी की व्यवस्था की गई है। इस सेंटर में सुबह का नास्ता, दोपहर और रात्रि का भोजन की व्यवस्था यहां आश्रय लेने वाले लोगों के लिए की गई है। बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम तक यहां सिर्फ पांच बाहरी लोगों ने वास किया था। इसमें एक महिला भी शामिल है। लेकिन अभी भी शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर काफी संख्या में ब
कोरोना संकट के बीच बिहार में चमकी बुखार की दस्तक

कोरोना संकट के बीच बिहार में चमकी बुखार की दस्तक

देश अभी कोरोना वायरस से ही लड़ रहा था कि अब बिहार में चमकी बुखार ने दस्तक दे दी है। ये वही चमकी बुखार है जिसने पिछले साल 200 से ज्यादा बच्चों की जान ले ली थी। बता दें कि बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू जैसी वायरस जनित बीमारियां भी बिहार में तेजी से फैल रही हैं। सामने आया पहला मामला चमकी बुखार से पीड़ित पहला बच्चा मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) के पेडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) वार्ड में भर्ती कराया गया है। एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ. एसके शाही ने बताया कि इस साल का पहला एक्यूट एंसिफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का केस आया है जो मुजफ्फरपुर जिले के सकरा इलाके का है। बच्चे का इलाज किया जा रहा है। बता दें कि गरमी के शुरू होने के साथ ही बिहार के मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में जापानी बुखार अपनी दस्तक देना शुरू कर देता है। इससे बचने के लिए चमकी बुखार का
लॉकडाउन: 6 दिन पैदल चलकर सीवान आए थे मजदूर, मजिस्ट्रेट ने की खाने-पीने की व्यवस्था

लॉकडाउन: 6 दिन पैदल चलकर सीवान आए थे मजदूर, मजिस्ट्रेट ने की खाने-पीने की व्यवस्था

कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन हैं। इस माहौल में यातायात सेवाएं ठप हैं तो लोग बड़े पैमाने पर पैदल ही अपने घर की ओर लौट रहे हैं। ऐसे ही पूर्णिया में काम करने वाले 3 मजदूर अपने 6 दिनों की पैदल यात्रा कर सीवान पहुंचे थे। इन तीनों मजदूरों को लखनऊ जाना है। पूर्णिया से अपने घर लखनऊ पैदल निकले मजदूरों के चेहरे पर थकान और हताशा थी। इस दौरान मजदूरों ने दैनिक भास्कर को बताया कि भूख भी लगी हैं, पैरों के छाले भी पड़ गए है। लेकिन घर जाना जरूरी है क्योंकि जहां मजदूरी करते है वहां काम बंद हैं। मजदूरों के मुताबिक पैसे नहीं है कुछ खाने के लिए इसलिए घर भी जाना हैं। इस हालत को देखकर डीएवी मोड़ पर खड़े मजिस्ट्रेट चन्दन कुमार ने मजदूरों से मुलाकात की। इसके बाद इन मजदूरों के लिए खाने—पीने की व्यवस्था कराई।
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