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सीवान: अपराध का बढ़ रहा ग्राफ, क्या अब भी शहाबुद्दीन को देंगे दोष?

लेखक—सुधीर कुमार

आज के दौर में दोषारोपण का खेल खूब चल रहा है। हम अपनी गलतियों को छिपाने के लिए दूसरे पर आरोप लगा देते हैं ताकि हम बचे रहे। केंद्र की राजनीति में नरेंद्र मोदी के आने के बाद चुनावी भाषणों में भी खूब दोषारोपण होने लगा है। भाजपा के तमाम नेता गलतियों को सुधारने की बजाए पूर्ववर्ती सरकार पर दोषारोपण करते हैं। इस दोषारोपण से भारत के पूर्व प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू भी नहीं बच पाए हैं। अपने अंदर की कमियों के लिए जवाहर लाल नेहरू को दोष दिया जाता है। लगभग दोषारोपण का यही स्टाइल अब राज्य और क्षेत्रिय स्तर पर फॉलो होने लगा है। मसलन, बिहार में लगभग 13 साल से शासन में रही बीजेपी—जेडीयू गठबंधन अब भी राजद को हर समस्या के लिए जिम्मेदार मानती है।

यही हालात जिले के स्तर पर भी है। अगर सीवान के संदर्भ में बात करें तो यहां के सत्ताधारी नेताओं द्वारा आज हर समस्या के लिए पूर्व राजद सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को दोषी माना जाता है। जबकि बीते 15 साल से शहाबुद्दीन सीवान की राजनीति में सक्रिय नहीं हैं।

वर्तमान में सीवान की स्थिति यह है कि जिले में अपराध बेकाबू है। हर दूसरे दिन हत्या और हर दिन गोलीबारी की खबरें आने लगी हैं। सोशल मीडिया पर सीवान में लोकसभा चुनाव बाद हुए हत्याओं का आंकड़ा घूमाया जा रहा है। यह सच भी है कि सीवान में चुनाव बाद हुई हत्याओं को गिना जाये तो वह दो दर्जन से ऊपर चली जाएगी।

लेकिन सवाल है कि यह हालात कब तक सुधरेंगे। वह समय कब आयेगा जब पुलिस के एकबाल से अपराधी सहमे। अनियंत्रित अपराध देखकर ऐसा लगता हैं कि पुलिस और थाना शराब जब्त करने और हेलमेट चेक करने में ही मात्र लगी है। यह अच्छी बात है कि आप सरकार के बनाये हर कानून को लागू कराने में व्यस्त हैं। लेकिन अपराध पर भी नियंत्रण की जिम्मेदारी आपकी है। अपराधियों का बढ़ता मनोबल सीवान के किसी भी वर्ग के हित में नहीं हैं।

सिर्फ चुनाव में अपराध का मुद्दा रहता है!
हालांकि सीवान में चुनाव के वक्त अपराध नियंत्रण मुद्दा रहता है। एनडीए उम्मीदवार पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का नाम खूब उछालते हैं और चुनाव में खूब भुनाने की कोशिश करते हैं। अब तो शहाबुद्दीन जेल में हैं और राजनीति रूप से कमजोर हो चुके हैं। अब तो सिवान के जनप्रतिनिधि अपराध नियंत्रण पर कुछ करें। जनप्रतिनिधि को चाहिए कि वह प्रशासन और सरकार पर दबाव बना कर सीवान में शांति स्थापित करें।

अगस्त में हत्या गोलीबारी की ये है लिस्ट
— 2 अगस्त को बड़हरिया थाना क्षेत्र के मुसहरी निवासी श्याम बहादूर सिंह को अपराधियों ने गोली मारी
— 3 अगस्त को नगर थाना क्षेत्र के लहरा टोली निवासी कपड़ा के थोक विक्रेता शमशुद्दीन की गोली मार कर हत्या
— इसी दिन गोरियको​ठी के हयातपुर मदरसा के नजदीक पूर्व मुखिया ध्रुव लाल प्रसाद को मारी गोली
—4 अगस्त को सिसवन थाना के चैनपुर ओपी के विपति लखराज डकैतों ने मुन्ना और आरती को गोली मारी
—8 अगस्त को दरौंदा थाना क्षेत्र के कोड़ारी खुर्द गांव के समीप युवक की हत्या
—13 अगस्त को सिसवन थाना क्षेत्र के चैनपुर ओपी बाजार में जमीन विवाद में विक्रम नामक शख्स की हत्या
—वहीं इसी दिन असांव के मनिया गांव के नजदीक बबलू चौहान को अपराधियों ने मारी गोली
—16 अगस्त को महाराजगंज थाना क्षेत्र के राजेंद्र चौक पर कपड़ा कारोबारी राजदेंर प्रसाद समेत 2 लोगों को मारी गोली
—19 अगस्त को मैरवा थाना क्षेत्र के कैथवलिया गांव में महिला को अपराधियों ने मारी गोली
-20 अगस्त को शहर के अयोध्यापुरी में दक्षिण टोला के निवासी अनुराग को अपराधियो ने मारी गोली
-— 21 अगस्त को नौतन थाना क्षेत्र के बैरागीपुर में मनोज साह की हत्या
—22 अगस्त को हुसैनगंज में दो लोगों को अपराधियो ने मारी गोली, 1 की मौ
— 24 अगस्त को बैसाखी हाईवे पर एसी मैकेनिक को मारी गोली, मौत
— 31 अगस्त की शाम अपराधियो ने मटुक छपरा में एक युवक की हत्या
— 1 सितंबर को सुबह अपराधियों ने अधेड़ की बाइक लूट की हत्या

नोट— ये वो लिस्ट है जिसके मामले पुलिस रिकॉर्ड में हैं

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One Comment

  • Kausar alam

    मतलब महीने महीने में एक आध दिन ही गुंडे छुट्टी पर है। नहीं तो हर रोज कुछ ना कुछ कर ही रहे है।
    भगवान भला करे इस शहर का।

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