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Month: September 2018

बिहार में अब मिले एके 47 के पार्ट्स

बिहार में अब मिले एके 47 के पार्ट्स

बिहार के मुंगेर में बीते दिन एके 47 रायफलों का जखीरा मिलने के बाद पुलिस ने सर्च अभियान और तेज कर दिया है। शनिवार से रविवार तक पुलिस की कई टीमें जिले में जगह-जगह कहीं जमीन खोदी जा रही है तो कहीं कुंअों व तालाबों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुंगेर के बरदह गांव में फिर दो एके 47 के पार्ट्स बरामद करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के लिए बदनाम मुंगेर में बरदह गांव में सर्च अभियान के दौरान गंगा किनारे से दो एके 47 रायफलों के पार्ट्स बरामद किए। पुलिस ने मौके से दो संदिग्‍धों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद गांव में सर्च अभियान को और सघन कर दिया गया है। जगह-जगह कुंओं-तालाबों में खोज जारी बताया जा रहा है कि पुलिस की कई टीमें मुंगेर में जगह-जगह कुंओं-तालाबों के अंदर एके 47 को खोज रही हैं। संदेह के आधार पर जमीन को भ
गोली मारना तो दूर पुलिस वाले कपल से नंबर तक नहीं मांग सकते, जानिए अपने अधिकार

गोली मारना तो दूर पुलिस वाले कपल से नंबर तक नहीं मांग सकते, जानिए अपने अधिकार

लखनऊ में पुलिस पर एपल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में दो सिपाही संदीप और प्रशांत चौधरी को अरेस्ट किया है। दरअसल, पुलिस विवेक की कार को चेकिंग के लिए रोकना चाहती थी। वैसे, चेकिंग के दौरान पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है। इसके लिए आम आदमी को कई राइट्स मिलते हैं। — दैनिक भास्कर की एक खबर बताया गया है कि एक्सपर्ट्स के मुताबिक रुटीन चेकिंग के दौरान पुलिस किसी को गोली नहीं मार सकती। किसी स्थिति में पुलिस को ऐसी शंका है कि सामने वाला अपराधी है या फिर वो किसी घटना को अंजाम दे सकता है तब उसे ऐसी जगह गोली मारी जाती है जिससे उसकी जान नहीं जाए। — यदि सामने वाले को बिना गलती के गोली मार दी जाती है तब IPC की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज होगा। यदि पुलिस द्वारा हवाई फायर किया गया है या फिर गलती से सामने वाले की मौत हो गई, तब IPC की धारा 3
बिहार : सुशासन राज में क्यों बरामद हो रही हैं तलवारें?

बिहार : सुशासन राज में क्यों बरामद हो रही हैं तलवारें?

बीते कुछ दिनों से बिहार में बड़ी संख्या में तलवारें बरामद हो रही हैं। जी हां, सही सुना आपने। द वायर की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10-15 दिनों में बिहार के आधा दर्जन इलाकों से सैकड़ों तलवारों को ज़ब्त किया गया जो एक बार फिर राज्य में संगीन होते हालात की ओर इशारा कर रहा है। नालंदा से हुई शुरुआत तलवारों की पहली खेप सबसे पहले नालंदा से पकड़ी गई थी। 11 सितंबर को नालंदा ज़िले के लाहेरी थाना क्षेत्र की दो दुकानों से तलवारें व चाकू बरामद किए गए थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस ने दो दुकानों में छापामारी कर 540 तलवारें व चाकू ज़ब्त किए थे। नालंदा उन आधा दर्जन ज़िलों में शुमार है, जहां रामनवमी पर सांप्रदायिक हिंसा की घटना हुई थी। दूसरी खेप पटना में द वायर में उमेश कुमार राय की रिपोर्ट में बताया गया है कि नालंदा से तलवार की बरामदगी के तीन दिन बाद ही पटना से भी पुलिस ने भारी संख्या म
बदले गए कई प्रशासनिक अधिकारी, गोपालगंज के नए SDPO बने विनय तिवारी

बदले गए कई प्रशासनिक अधिकारी, गोपालगंज के नए SDPO बने विनय तिवारी

बिहार में लगातार बढ़ रहे आपराधिक घटनाओं पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा कदम उठाते हुए बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। गृह विभाग ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेर बदल करते हुए चार आइएएस, सात आइपीएस अफसरों का और 22 डीएसपी का तबादला कर दिया है। गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। मुजफ्फरपुर एसएसपी हरप्रीत कौर को समस्तीपुर भेजा गया है तो वहीं मनोज कुमार को मुजफ्फरपुर की कमान मिली है। गरिमा मलिक को दरभंगा का एसपी, आकाश कुमार को बेगूसराय, हरप्रित कौर को समस्तीपुर, आदित्य कुमार को भोजपुर का एसपी बनाया गया है। विनय तिवारी एसडीपीओ गोपालगंज सदर बने हैं। -शेरघाटी (गया) के SDPO बने रविश कुमार -तारापुर (मुंगेर) के SDPO बने रमेश कुमार -महुआ (वैशाली) के SDPO बने मुंद्रिका प्रसाद -बेलहर (बांका) के SDPO बने मदन कुमार आनंद -फतुहा (पटना) के SDPO बने मनी
बिहार : मिड डे मील में बच्चों को परोसा गया नमक—चावल

बिहार : मिड डे मील में बच्चों को परोसा गया नमक—चावल

बिहार में मिड डे मील को लेकर अकसर शिकायतें आती रहती हैं। दरअसल, यह गड़बड़झाला और घपलेबाजी का एक अड्डा बन गया है। यही वजह है कि बच्चों को उनके हिस्से का खाना तक नहीं मिल पा रहा है। बीते दिनों ही सीवान में ​बच्चों को मिड डे मील खाना थाली की बजाए अखबार में परोसने की खबर आई थी। ताजा मामला कटिहार के एक प्राथमिक विद्यालय का है। यहां मिड-डे मील में नौनीहालों को नमक और चावल परोसा जा रहा था। जानकारी के मुताबिक जिले के समेली प्रखंड के बकिया स्थित प्राथमिक विद्यालय में कुछ दिनों से बच्चों को लगातार मिड-डे मील में खाने के नाम पर नमक और चावल खिलाया जा रहा था। इसकी जानकारी जैसे ही अभिभावकों को चला वे आक्रोशित हो उठे। अभिभावकों ने बच्चों के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-31 को जाम कर दिया। अभिभावकों की मांग है कि सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। अभिभावकों ने प्रशासन को मौके पर बुलाने
सीवान : सड़क हादसे में होमगार्ड जवान की गई जान

सीवान : सड़क हादसे में होमगार्ड जवान की गई जान

सीवान-मैरवा मुख्यमार्ग पर शामपुर पुल के समीप शनिवार की सुबह ट्रक व टेलर की टक्कर हो गई। इस टक्कर में टेलर के पलटने से होमगार्ड जवान की दबकर मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद सीवान-मैरवा मुख्य मार्ग पर दो घंटे तक जाम लगा रहा। जानकारी के मुताबिक मृतक गुठनी थाने के डुमरहर गांव का अवधेश यादव था। होमगार्ड जवान जीरादेई में पिछले छह महीने से पदस्थापित था। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर एएसपी कांतेश कुमार मिश्रा, होमगार्ड के डीएसपी रितेश पांडेय व मुफस्सिल थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार पहुंचे। काफी प्रयास के बाद पुलिस के जवानों ने टेलर के नीचे दबे होमगार्ड के जवान का शव निकला। इस बीच घटना की खबर मिलते ही मृतक के दरवाजे पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पति की मौत की खबर मिलते ही बदहवास पत्नी व बच्चे हो गए। उनके रोने-बिलखने से माहौल गमगीन हो चला है।
जो आदेश समझ नहीं सकता, वह बिहार बोर्ड का अध्यक्ष रहने लायक नहीं : हाईकोर्ट

जो आदेश समझ नहीं सकता, वह बिहार बोर्ड का अध्यक्ष रहने लायक नहीं : हाईकोर्ट

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी की बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर को पटना हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने तो यहां तक कह दिया कि आनंद किशोर इस पद के लायक नहीं हैं। पटना हाईकोर्ट ने न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करने को लेकर आनंद किशोर के खिलाफ अवमानना की प्रक्रिया शुरू करते हुए जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने पांच मामलों को लेकर आरोप तय करते हुए प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। दरअसल बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने वैशाली के रामचंद्र सीनियर सेकेंडरी स्कूल समेत 5 इंटर कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी थी। इन स्कूलों और इंटर कॉलेजों में एडमिशन लेने पर बिहार बोर्ड ने रोक लगा दी थी। बिहार बोर्ड के फैसले से छात्रों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। छात्रों ने काफी हंगामा भी किया था। वहीं, स्कूल-कॉलेज प्रशासन भी काफी परेशान हो गया। इस वजह से रामचंद्र सीनियर सेकेंडरी स्कूल समेत अ
गोपालगंज में पुलिस के सामने मॉब लिंचिंग!

गोपालगंज में पुलिस के सामने मॉब लिंचिंग!

पिछले कुछ दिनों में बिहार में कई बार भीड़ का अमानवीय चेहरा देखने को मिला है। गोपालगंज में भी एक बार फिर तालिबानी चेहरा दिखा। सड़क दुर्घटना में घायल युवक को पुलिस की जीप में से बाहर निकालकर उसकी लाठी डंडो से बेरहमी से पिटाई की गई। पिटाई के दौरान मांझा पुलिस के जवान मूकदर्शक बने रहे। घटना मांझा के भोजपुरवा गांव के समीप एनएच 28 की है। जानकारी के मुताबिक मांझा के भोजपुरवा गांव के समीप कार और बाइक में भिडंत हो गई थी। जिसमे बाइक सवार 55 वर्षीय व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. मृतक व्यक्ति का नाम डॉ हरकेश राम है. वो भोजपुरवा गांव के ही रहने वाले थे। इस दुर्घटना के बाद कार एनएच 28 के किनारे दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें कार चालक सहित चार लोग भागने में सफल रहे। जबकि एक युवक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया. यह युवक भागकर मांझा पुलिस की जीप में जाकर बैठ गया। लेकिन लाठी डंडो से लैस ग्रामीणों ने
मिलिए बिहार के इस विधायक से, सादगी ने बनाया लोगों को दीवाना

मिलिए बिहार के इस विधायक से, सादगी ने बनाया लोगों को दीवाना

कटिहार के बलरामपुर से कम्युनिस्ट पार्टी ( माले ) के विधायक महबूब आलम इन दिनों चर्चा में हैं। इस चर्चा की वजह उनकी एक तस्वीर है। इस तस्वीर में विधायक की सादगी देख कर लोग हैरान हैं और तारीफ कर रहे हैं। तस्वीर में महबूब आलम अपने बच्चे को कंधे पर बिठा कर पत्नी के साथ पैदल ही अपने आवास पर जाते दिखे। वहीं उनकी पत्नी झोला लेकर चल रही हैं। उनके साथ दो अंगरक्षक भी पैदल ही देखे गये। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले पटना के गांधी मैदान में कम्युनिस्ट पार्टी ने एक सभा आयोजित की थी। जिसमें विधायक महबूब आलम अपने परिवार के साथ ट्रेन से पटना पहुंचे थे। जैसे ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेन रुकी, विधायक जी डिब्बे से बाहर निकले और आम आदमी की तरह बच्चे को कन्धे पर बिठाकर पैदल ही अपने आवास की ओर चल दिए। इस तस्वीर को देखकर हर तरफ इसकी सराहना की जा रही है। आगे-आगे विधायक जी का परिवार और पीछे-पीछे खाकी वर्दीधारी अ
सीवान : एंबुलेंस के लिए तड़पता रहा परिवार, DM को करनी पड़ी पहल

सीवान : एंबुलेंस के लिए तड़पता रहा परिवार, DM को करनी पड़ी पहल

सीवान सदर अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है। दरअसल, एक परिवार को इमरजेंसी में एंबुलेंस की जरूरत थी लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने लचर रवैया अपनाया। इसके बाद परिवार के मुखिया ने जिलाधिकारी को गुहार लगाई। जिलाधिकारी के आदेश के बाद पीड़त परिवार को एंबुलेंस मिला। यह है मामला जानकारी के मुताबिक रघुनाथपुर निवासी महेन्द्र शर्मा अपने नवजात बच्चे को दिखाने के लिए सीवान सदर अस्पताल में शुक्रवार को पहुंचे थे। जहां अस्‍पताल के चिकित्सक डा. कालिक कुमार सिंह ने नवजात की स्थिति को नाजुक बताते हुए पीएमसीएच के लिए रेफर कर दिया। महेन्द्र शर्मा के मुताबिक उन्होंने वहां मौजूद तीन एम्बुलेंस के चालकों से पटना ले जाने की विनती की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। बाद में उन्होंने इसकी शिकायत डीएम से की। तब डीएम ने स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत सागर को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अस्पताल प्रबंधक
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